प्रमुख रचनाये एवं उनके रचनाकार की सूची जरुर पढ़े

Indian Hindi Writers :-बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए बिहार सरकार ने इस बार बीपीएससी के द्वारा परीक्षा लेने की घोषणा की है |जिसका सिलेबस कुछ दिनों पहले प्रकाशित किया जा चुका है जो आप हमारे पिछले लेखों से देख सकते हैं | आज हम इस पोस्ट के माध्यम से बिहार में हिंदी के प्रमुख रचनाएं एवं उनके रचनाकारों की कृतियों को देखेंगे | इस बार बीपीएससी के द्वारा सिलेबस में भाषा से हिंदी और अंग्रेजी दोनों विषयों में पासिंग मार्क लाने की घोषणा की गई है |इसलिए आपलोग जो भी Bihar Teacher Vacancy के आवेदक है वो इसे जरुर पढ़े |

इस पोस्ट के माध्यम से हिंदी के प्रमुख रचनाकार एवं रचनाएं से आपको बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा के हिंदी विषय में अच्छे मार्क लाने में मदद मिलेगी | इस पोस्ट में हम आपको प्रमुख रचनाये एवं उनके रचनाकार की सूची बताने जा रहे हैं जिसे पढ़ आप परीक्षा में अच्छे अंक ला सकते हैं | अगर आप लोगों को यह पोस्ट पसंद आता हो तो आप अपने दोस्तों में इसे शेयर जरूर करें |

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बिहार के प्रमुख साहित्यकार एवं उनकी कृतियां

बिहार के कवि विद्यापति, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, आचार्य जानकी बल्लभ शास्त्री, महाकवि केदार नाथ मिश्र, महाकवि मोहन लाल महतो, पंडित हंस कुमार तिवारी, आरसी प्रसाद सिंह, कलक्टर सिंह, जनार्दन प्रसाद झा, डाॅ. कुमार विमल आदि है।

साहित्यकारकृतियां
फणीश्वरनाथ रेणुमैला आंचल, जुलूस, पलटू बाबू रोड, दीर्घतया
रामधारी सिंह ‘दिनकर’प्राणभंग, उर्वशी, रेणुका, द्वन्द्वगीत, हुंकार, रसवंती, चक्रवाल, धूप-छांव, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, सामधेनी, नील कुसुम, सीपी और शंख, परशुराम की प्रतिज्ञा, हारे को हरिनाम
बाणभट्टकादम्बरी, हर्षचरितम, चंडीशतक
विष्णु शर्मापंचतंत्र, हितोपदेश
चाणक्यअर्थशास्त्र
बाबा नागार्जुनबाबा बटेश्वरनाथ, हजार-हजार बहों वाली, पारो, कुम्भीपाक, तुमने कहा था, वरुण के बेटे, रतिनाथ की चाची, पुरानी जातियों का कोरस, बलचनमा
देवकीनंदन खत्रीचंद्रकांता संतति, भूतनाथ, काजर की कोठरी, नौलखाहार
राहुल सांकृत्यायनबुद्धचर्या, विनय-पिटक, धाम्मपद, दर्शन-दिग्दर्शन
जानकी बल्लभ शास्त्रीकाकली, गाथा, मेघगीत, अवंतिका, चिन्ताहास, त्रमीप्रस्थ, हंस बुलाया, मन की बात, एक किरण : सौ झाइयां, दो तिनकों का घोंसला, अश्वबुद्ध, अशोक वन, सत्यकाम, जिन्दगी, आदमी प्रतिध्वनि, देवी, नील-झील, पाषणी, तमसा, इरावती, राधा
शाह अजीमाबादीनक्शेपायदार
डॉ. राजेन्द्र प्रसादइंडिया डिवाइडेड, चम्पारण में सत्याग्रह, बापू के कदमों में
केदारनाथ मिश्र प्रभातज्वाला, कैकयी, ऋतुवंश, प्रषक्रिया
शिवसागर मिश्रदूब जनम छायी
रामवृक्ष बेनीपुरीआम्रपाली, माटी की मूरतें, चिंता के फूल, संघमित्रा
वाचस्पति मिश्राभाष्य मामति, ब्रहमसिद्धि के टीकाकार
डॉ. कुमार विमलमूल्य और मीमांसा, सर्जना के स्वर, अंगार ये सम्पूट सीपी के, युगमानव बापू, ये अभंग अनुभव अमृत, सौन्दर्यशास्त्र के तत्त्व
अश्वघोषमहायान श्रद्घत्पाद संग्रह, बुद्ध चरित, वज्र सूची
आर्यभट्टआर्यभट्ट तंत्र
वात्स्यायनकामसूत्रम्
मंडन मिश्राभाव विवेक, विधि विवेक
विद्यापतिपदावली, कीर्तिलता, कीर्ति पताका, गौरक्षा विजय, भू-परिक्रमा
दाउदचंद्रायन
ज्योतिरीश्वर ठाकुरवर्ण रत्नाकर, दर्शन रत्नाकर
राजा राधिका रमण प्रसाद सिंहपुरुष और नारी
मैथिलीशरण गुप्तसाकेत ,यशोधरा ,भारत भारती ,सिद्धराज ,द्वापर ,पंचवटी
जयशंकर प्रसादकामायनी ,झरना ,आँसू, लहर ,कामना ,कल्याणी ,स्कंदगुप्त,विशाख ,आकशदीप
सुमित्रानंदन पन्तकला और बूढा चाँद ,पल्लव ,गुंजन ,लोकायतन ,चिदंबरा ,उत्तरा

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मैथली कवि कोकिल विद्यापति का परिचय

मैथिल कवि कोकिल, रसासिद्ध कवि विद्यापति, तुलसी, सूर, कबूर, मीरा सभी से पहले के कवि हैं। अमीर खुसरो यद्यपि इनसे पहले हुए थे। इनका संस्कृत, प्राकृत अपभ्रंश एवं मातृ भाषा मैथिली पर समान अधिकार था। विद्यापति की रचनाएँ संस्कृत, अवहट्ट, एवं मैथिली तीनों में मिलती हैं।

महाकवि विद्यापति संस्कृत, अबहट्ठ, मैथिली आदि अनेक भाषाओं के प्रकाण्ड पंडित थे। शास्र और लोक दोनों ही संसार में उनका असाधारण अधिकार था।

महाकवि ओईनवार राजवंश के अनेक राजाओं के शासनकाल में विराजमान रहकर अपने वैदुश्य एवं दूरदर्शिता सो उनका मार्गदर्शन करते रहे।

संस्कृत में– पुरुषपरीक्षा

भूपरिक्रमा : राजा देव सिंह की आज्ञा से विद्यापति ने इसे लिखा। इसमें बलराम से सम्बंधित शाप की कहानियाँ हैं जो मिथिला में सुनाई थी। लिखनावली, शैवसर्वस्वसार, शैवसर्वस्व सार प्रमाण भूतपुराणसंग्रह, गंगावाक्यावली, विभागसार, दानवाक्यावली ,दुर्गाभक्तितरंगिणी, गयापत्तलक,वर्षकृत्य

अवहट्ट में– कीर्तिलता (कीर्तिपताका तथा शिवसिंह का राज्यारोहण वर्णन एवं युद्ध-वर्णन)

मैथिली में – पदावली

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