भारतीय राष्‍ट्रीय आंदोलन की पूरी जानकारी इस पोस्ट में | Indian National Movement in India

भारत में आंदोलन का इतिहास बहुत अलग है | भारत में अंग्रेजी समाज अंग्रेजी साम्राज्य का उदय एवं अन्य राजशाही तंत्र के द्वारा अनेक आंदोलन किए गए जिसका अलग-अलग परिणाम निकले | आज हम इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे कि भारत में कौन-कौन से राष्ट्रीय आंदोलन हुए हैं और इसके क्या परिणाम आए | अगर आप लोग किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आप हमारे इस पोस्ट को जरुर पढ़े हैं | जिससे कि आप अपने तैयारी को बेहतर बना सकते हैं |

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है इससे आप परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं अगर आप हमारे इस पोस्ट पर नए हैं तो आप हमारे और पोस्ट को भी पढ़ जरूर पढ़ें जिससे आपको और भी विषय में जानकारी प्राप्त हुआ चलिए चलते हैं आज कि हम इस पोस्ट में देखेंगे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास और परिणाम यह जान पाएंगे |

National Movement In India: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलनों की एक सूची

राष्ट्रीय आंदोलन

ऐसा आंदोलन जो देश में एकता, अखंडता तथा उसकी स्वतंत्रता के लिए हो उसे राष्ट्रीय आंदोलन कहते है |

सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रमुख व्यक्ति थे, जो बाद में भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और पहले गृह मंत्री बने |उन्हें 565 रियासतों को एक नए स्वतंत्र भारत में एकीकृत करने में उनके योगदान के लिए जाना जाता है | सरदार पटेल जिन्हें भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है, ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक भारत में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए |

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन 1857-1947 तक के प्रमुख चरण

  • 1857 का विद्रोह
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना- 1885
  • स्वदेशी आन्दोलन (बंग-भंग आन्दोलन)- 1905
  • मुस्लिम लीग की स्थापना- 1906
  • ग़दर आंदोलन-1913
  • होम रूल आंदोलन- अप्रैल 1916
  • चंपारण सत्याग्रह – 1917
  • खेड़ा सत्याग्रह – 1917
  • अहमदाबाद मिल हड़ताल – 1918
  • रॉलेट एक्ट सत्याग्रह – 1919
  • खिलाफ़त आन्दोलन – 1920
  • असहयोग आंदोलन- 1920
  • बारदोली सत्याग्रह – 1928
  • नमक सत्याग्रह (डांडी मार्च) – 1930
  • सविनय अवज्ञा आंदोलन – 1930
  • भारत छोड़ो आंदोलन – 1942

1857 का विद्रोह

भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के खिलाफ 1857-59 का विद्रोह पहला व्यापक विद्रोह था जो असफल साबित हुआ | भारतीयों का पहला संगठित विरोध 1857 का विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ था | 1857 का विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के सिपाहियों के विद्रोह के रूप में शुरू हुआ जो बाद में जनता की भागीदारी भी हासिल कर ली थी | इस विद्रोह को सिपाही विद्रोह , भारतीय विद्रोह, महान विद्रोह , 1857 का विद्रोह और स्वतंत्रता का पहला युद्ध भी कहते है |

यह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेवा में भारतीय सैनिकों (सिपाहियों) द्वारा मेरठ में शुरू हुआ। 1857 के विद्रोह के मुख्य केंद्र थे:दिल्ली ,कानपुर ,लखनऊ ,झांसी ,अरहर (बिहार)

1857 का विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अन्यायपूर्ण शासन के खिलाफ भारत में एक शक्तिशाली विद्रोह था।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को हिला कर रख देने वाला 1857 का विद्रोह से पहले कई विद्रोह हुए थे जैसे कि 1806 का वेल्लोर विद्रोह, 1816 का बरेली विद्रोह आदि, ब्रिटिश शासन के खिलाफ, 1857 का विद्रोह एक विशाल और हिंसक विद्रोह था |

1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण ‘एनफील्ड’ राइफल थी जिससे सैनिकों में आक्रोश था।अफवाह थी कि कारतूस सुअर और गाय की चर्बी से सना हुआ था। मुसलमानों में सुअर वर्जित है और हिंदू धर्म में गाय पवित्र है, सैनिकों ने कारतूस का उपयोग करने से इनकार कर दिया |

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में की गई थी |
  • जिसमें 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति थी |
  • INC के संस्थापक एलन ऑक्टेवियन ह्यूम थे | एओ ह्यूम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले महासचिव बने और ब्रिटिश सरकार के सुरक्षा मूल्य की रक्षा के लिए काम किया |
  • इसकी स्थापना मुंबई में हुई थी।

स्वदेशी आन्दोलन या बंग-भंग आन्दोलन

  • आन्दोलन की शुरुआत 7 अगस्त, 1905 को टाउन हॉल, कलकत्ता में में लार्ड कर्ज़न द्वारा बंगाल विभाजन करने के विरोध में हुई थी |
  • यह सुरेन्द्र नाथ बनर्जी और कृष्ण कुमार मित्र जैसे उदारवादी नेताओं द्वारा विभाजन विरोधी आंदोलन था।
  • आन्दोलन के बाद रवींद्रनाथ टैगोर ने “अमार सोनार बांग्ला” की रचना की थी और सभी हिन्दू-मुस्लिम ने एक दूसरे को राखी बांधकर इस विभाजन के प्रति विरोध प्रकट किया था |

मुस्लिम लीग की स्थापना

  • मुस्लिम लीग की स्थापना 1906 में हुयी थी |
  • इसकी स्थापना 1906 ई. में, आगा खान, ढाका के नवाब सलीमुल्लाह और नवाब मोहसिन-उल-मुल्क के नेतृत्व में की गई थी।
  • इसने बंगाल विभाजन का समर्थन किया, स्वदेशी आंदोलन का विरोध किया, और अपने समुदाय के लिए विशेष सुरक्षा उपायों और मुसलमानों के लिए एक अलग निर्वाचक मंडल की मांग की।
  • चौधरी रहमत अली ने 1935 ई. में ‘पाकस्तान’ (बाद में ‘पाकिस्तान’) शब्द का आविष्कार किया।
  • मुस्लिम लीग की स्थापना के बाद 1909 में ब्रिटिशों द्वारा मॉर्ले-मिंटो सुधार अधिनियम लाया गया था |
  • मार्च 1940 ई. में मुस्लिम लीग का लाहौर अधिवेशन हुआ।
  • पाकिस्तान प्रस्ताव पारित किया गया और भारत सरकार अधिनियम, 1935 ई. में संघीय योजना की परिकल्पना की गई।

ग़दर आन्दोलन

ग़दर आन्दोलन की शुरुआत लाला हरदयाल द्वारा 1913 में की गयी थी|

इसके बाद 1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू हो गया था, जो कि 1918 तक चला |

होम रूल लीग

  • बाल गंगाधर तिलक द्वारा अप्रैल 1916 में स्वराज की मांग के लिए बेलगाम में होम रूल आंदोलन शुरू किया गया |
  • इसके बाद सितम्बर 1916 में मद्रास में एनी बेसेंट द्वारा भी होम रूल लीग की शुरुआत की गयी |
  • होम रूल लीग आंदोलन का उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य में भारत के लिए स्वशासन था
  • तिलक ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा” का नारा दिया था।
  • तिलक का महरत्ता (अंग्रेजी समाचार पत्र) और केसरी (मराठी समाचार पत्र) और न्यू इंडिया और एनी बेसेंट का राष्ट्रमंडल होमरूल लीग आंदोलन के अंग बन गए |

चंपारण सत्याग्रह

  • 1917 का चंपारण सत्याग्रह महात्मा गांधी का पहला सत्याग्रह था|
  • उत्तर बिहार के चंपारण और अन्य क्षेत्रों के किसान तिनकठिया प्रणाली के तहत नील का विकास कर रहे थे|
  • तिनकठिया प्रणाली के तहत, किसान अपने मकान मालिक के लिए नील के साथ उसकी जमीन के 20 में से 3 हिस्से लगाने के लिए बाध्य थे|
  • एक स्थानीय किसान नेता राजकुमार शुक्ल ने महात्मा गांधी को चंपारण आने का निमंत्रण दिया था|

रॉलेट एक्ट सत्याग्रह

  • रॉलेट सत्याग्रह 1919 में शुरू किए गए रॉलेट एक्ट के खिलाफ एक राष्ट्रीय विरोध था
  • रॉलेट एक्ट 6 फरवरी 1919 को पारित किया गया था।
  • रॉलेट सत्याग्रह की स्थापना 1919 में महात्मा गांधी ने की थी।
  • रोलेट एक्ट ने ब्रिटिश सरकार को बिना किसी कारण के किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने और बिना किसी मुकदमे के जेल में रखने का अधिकार दिया।

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