Indian Polity and Constitution one liner in hindi

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भारतीय राजव्यवस्था किसी भी प्रतियोगीता परीक्षाओ के लिए एक महत्वपूर्ण भाग है इससे हमें संविधान और राजनितिक घटनाक्रम की जानकारी मिलती है | इस पोस्ट को पढ़ कर आप किसी भी प्रतियोगिता परीक्षाओ में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते है | Indian polity one liner questions प्रश्न उत्तर आप पढ़े और अगर आपको यह अच्छा लगे तो कमेन्ट कर अपना अनुभव शेयर करे | आप इस पोस्ट में Indian History one Liner के अनुसार Indian Polity and Constitution one liner in hindi को देख अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते है |

Indian Polity One Liner Notes in hindi

Indian Polity One Liner Notes

  • भारत का संवैधानिक विकास दो चरणों में हुआ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अंतर्गत जो 1777 से 1853 ई तक हुआ और दूसरा ब्रिटिश तक के अंतर्गत पारित अधिनियम के तहत जो 1858 से 1947 ई तक चले |
  •  1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट के द्वारा बंगाल के गवर्नर को ‘बंगाल का गवर्नर जनरल’ पद नाम दिया गया एवं उसकी सहायता के लिए एक चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, जिनका कार्यकाल 5 वर्ष रखा गया।
  • 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट के द्वारा कलकत्ता में 1774 ई. में एक उच्चतम न्यायालय की स्थापना की गई | जिसमें मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश थे।
  • 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट के द्वारा कंपनी के कर्मचारियों पर निजी व्यापार करने तथा भारतीयों से उपहार लेने पर प्रतिबंध था।
  • 1813 के चार्टर एक्ट द्वारा पहली बार भारतीयों की शिक्षा पर प्रति वर्ष 1 लाख रुपये खर्च करने का उपबंध किया गया।
  • 1833 के चार्टर एक्ट द्वारा बंगाल के गवर्नर जनरल को संपूर्ण भारत का गवर्नर जनरल बना दिया गया।
  • 1833 के चार्टर एक्ट द्वारा लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत के प्रथम गवर्नर जनरल थे। लॉर्ड विलियम बेंटिक, बंगाल के ब्रिटिश गवर्नरजनरल (1828-33) और भारत के (1833-35)।
  • भारत शासन अधिनियम, 1858 के द्वारा भारत का शासन ब्रिटिश ताज के अधीन कर दिया गया। 
  • गवर्नर जनरल को अब भारत का वायसराय भी कहा जाने लगा, जो ब्रिटिश ताज का प्रत्यक्ष प्रतिनिधि बन गया।
  • लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वायसराय बने।
  • भारत परिषद अधिनियम, 1861 द्वारा कानून बनाने की प्रक्रिया में भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल करने की शुरुआत हुई।
  • भारत परिषद अधिनियम, 1892 के माध्यम से केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों में अतिरिक्त (गैर-सरकारी) सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई।
  • भारत परिषद अधिनियम, 1892 के माध्यम से निर्वाचन पद्धति का आरंभ किया जाना इस अधिनियम की महत्वपूर्ण विशेषता थी।
  • भारत परिषद अधिनियम, 1909 को मार्ले-मिंटो सुधार के नाम से भी जानते हैं। इस अधिनियम द्वारा भारतीयों को विधि निर्माण तथा प्रशासन दोनों में प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया। भारत परिषद अधिनियम, 1909 अधिनियम ने केंद्रीय तथा प्रांतीय विधायिनी शक्ति को बढ़ा दिया।
  •  भारत शासन अधिनियम, 1919 को मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से जाना जाता है।
  •  भारत शासन अधिनियम, 1919 द्वारा पहली बार प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली अपनाई गई। 
  • भारत शासन अधिनियम, 1919 द्वारा सांप्रदायिक आधार पर निर्वाचन प्रणाली का विस्तार करते हुए इसे सिक्खों, ईसाइयों, आंग्ल-भारतीयों तथा यूरोपीय पर भी लागू कर दिया गया।
  • भारत शासन अधिनियम, 1935 द्वारा सर्वप्रथम भारत में संघात्मक सरकार की स्थापना की गई।
  • भारत शासन अधिनियम, 1935 द्वारा प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त करके केंद्र में द्वैध शासन प्रणाली लागू की गई। 
  • भारत शासन अधिनियम, 1935 द्वारा भारत में मुद्रा एवं साख पर नियंत्रण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना की गई। 
  • भारत शासन अधिनियम, 1935 द्वारा वर्मा को ब्रिटिश भारत से अलग कर दिया गया तथा दो नए प्रांत सिंघ और उड़ीसा का निर्माण हुआ। 
  • भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 ने 15 अगस्त, 1947 को भारत को स्वतंत्र एवं संप्रभु राष्ट्र घोषित किया।
  • भारतीयों की ओर से संविधान सभा की सर्वप्रथम मांग मई, 1934 में रांची में स्वराज पार्टी ने की थी। 
  • वर्ष 1934 में ही भारत में संविधान सभा के गठन का विचार एम. एन. राय ने दिया।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्तर पर पहली बार वर्ष 1934 में संविधान निर्माण के लिए आधिकारिक रूप से संविधान सभा की मांग की गई।
  • एक निर्वाचित संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान का निर्माण करने का प्रस्ताव सर्वप्रथम वर्ष 1942 में क्रिप्स मिशन द्वारा किया गया था।
  • कैविनेट मिशन योजना, 1946 द्वारा भारतीय संविधान सभा का प्रातिनिधिक निर्वाचन के आधार पर गठन किया गया था। 
  • कैविनेट मिशन योजना, 1946 द्वारा मिशन की रिपोर्ट के अनुसार, संविधान सभा निर्वाचित होनी थी और प्रांतों का प्रतिनिधित्व जनसंख्या के आधार पर होना था।
  • 296 सीटें ब्रिटिश भारत को तथा 93 सीटें देशी रियासतों को आवंटित की जानी थीं।
  • चुनाव जुलाई-अगस्त, 1946 में संपन्न हुआ। जिसमे 296 सीटों (ब्रिटिश भारत को आवंटित) में से कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 तथा छोटे समूह व स्वतंत्र सदस्यों को 15 मिलीं। 
  • देशी रियासतों ने चुनाव जुलाई-अगस्त, 1946 में संविधान सभा में भाग नहीं लिया। 
  • 9 दिसंबर, 1946 को सभा की पहली बैठक में कुल 207 सदस्यों ने हिस्सा लिया। 
  • 9 दिसंबर, 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक की अध्यक्षता अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने की थी। 
  • 11 दिसंबर, 1946 को संविधान सभा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को निर्विरोध संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया।
  •  भारतीय संविधान के निर्माण में संविधान सभा को 2 वर्ष, 11 माह एवं 18 दिन का समय लगा था। इसके लिए कुल 11 अधिवेशन (कुल अवधि 165 दिन) हुए थे।
  • भारतीय संविधान के 11वें अधिवेशन के अंतिम दिन 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अंगीकृत किया गया था।
  • संविधान पूर्ण रूप से 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ |
  • संविधान सभा में कुल महिलाओं की संख्या 15 थी।
  • संविधान सभा द्वारा अपने विभिन्न कार्यों को संपादित करने के लिए अनेक समितियों का गठन किया गया था।
  • प्रारूप समिति में अध्यक्ष भीम राव अम्बेडकर समेत कुल 7 सदस्य थे।
  • ब्रिटेन के संविधान द्वारा संसदीय शासन पद्धति, विधि का शासन, मंत्रिमंडलीय प्रणाली, एकल नागरिकता, द्विसदनीय प्रणाली, विधायी प्रक्रिया और संसदीय विशेषाधिकार, परमाधिकार लेख आदि उपबंध लिए गए हैं।
  • अमेरिकी संविधान से उद्देशिका का विचार, न्यायिक पुनर्विलोकन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, मूल अधिकार, उपराष्ट्रपति का पद, राष्ट्रपति पर महाभियोग और उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाए जाने के उपबंध ग्रहण किए गए हैं।
  • आयरलैंड के संविधान से प्रेरणा लेकर नीति-निदेशक तत्व, राष्ट्रपति की निर्वाचन, पद्धति, राज्य सभा में कुछ सदस्यों का नामांकन सम्मिलित किए गए हैं। 
  • कनाडा के संविधान से सशक्त केंद्र के साथ संघीय व्यवस्था, राज्यपालों की नियुक्ति, उच्चतम न्यायालय का परामर्शी न्याय निर्णयन अवशिष्ट शक्तियों का केंद्र में निहित होना आदि ग्रहण की गई है। 
  • ऑस्ट्रेलिया के संविधान से संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक, उद्देशिका की भाषा, व्यापार-वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता तथा समवर्ती सूची की व्यवस्था ग्रहण की गई है।
  • जापान से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया
  • दक्षिण अफ्रीका के संविधान से संविधान संशोधन की व्यवस्था तथा राज्य सभा के सदस्यों का निर्वाचन ग्रहण किया गया।
  • संविधान के मूल पाठ में 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं। 
  • दृष्टि से संविधान के भागों की संख्या भी बढ़कर 25 हो गई है।  नई अनुसूचियां भी जोड़ी गई हैं और उनकी संख्या 8 से बढ़कर 12 हो गई है। गणना की दृष्टि से लगभग 452 अनुच्छेद (Article) हैं । 
  • बी. आर. अम्बेडकर ने संविधान को एक पवित्र दस्तावेज कहा है।
  • भारतीय संविधान की प्रस्तावना में प्रयुक्त वाक्य ‘हम भारत के लोग…… यह स्पष्ट करता है कि, भारत में सत्ता का एकमात्र स्रोत ‘जनता’ है, जो प्रतिनिधियों का निर्वाचन सत्ता संचालन हेतु करती है।
  • ब्रिटिश संसद को संसदों की जननी कहा जाता है।
  • पिंगली वेंकैया द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को तैयार किया गया। 
  • संविधान सभा द्वारा 22 जुलाई, 1947 को ‘राष्ट्रीय ध्वज’ का वर्तमान स्वरूप स्वीकृत किया गया।
  • भारत का राजचिह्न सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ की अनुकृति है। भारत सरकार द्वारा इसे 26 जनवरी, 1950 को अपनाया गया। 
  • भारत का राष्ट्रगान’ ‘जन गण मन’ 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा द्वारा आधिकारिक रूप में अंगीकृत किया गया था।
  • भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के द्वारा दो स्वतंत्र एवं पृथक प्रभुत्व वाले देश-भारत तथा पाकिस्तान का निर्माण किया गया।

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